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बिहार पंचायत चुनाव 2026: 27 अप्रैल को मतदाता सूची का प्रारूप जारी, पहली बार EVM से मतदान की तैयारी
- Reporter 12
- 11 Apr, 2026
बिहार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। 27 अप्रैल को वोटर लिस्ट का प्रारूप जारी होगा। इस बार पहली बार EVM से मतदान होने की संभावना है, जिससे चुनाव प्रक्रिया और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
पटना/आलम की खबर: बिहार में पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया अंतिम चरण की ओर बढ़ती दिख रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट जारी करते हुए सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। इसी क्रम में 27 अप्रैल को राज्य की सभी पंचायतों में मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। इसको लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को सक्रिय कर दिया गया है और पूरे राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि 24 अप्रैल तक सभी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रारूप सूची तैयार कर ली जाएगी और निर्धारित समय पर इसका प्रकाशन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही फॉर्म-1 तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आयोग की ओर से पहले ही सभी जिलों के डीएम को पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचन पदाधिकारी नियुक्त किया जा चुका है, जिससे प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय हो गया है और चुनावी तैयारियां व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही हैं।
इस बार आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों के वार्ड परिसीमन में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और 2011 की जनगणना के आधार पर ही आबादी का निर्धारण किया जाएगा। इससे चुनाव प्रक्रिया में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। राज्य में कुल 8035 पंचायतों में चुनाव कराया जाना है, जिसके लिए मतदाता सूची तैयार करना सबसे अहम चरण माना जा रहा है।
प्रारूप प्रकाशन के बाद दावा और आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें मतदाता अपनी त्रुटियों को सुधारने या नाम जोड़ने और हटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर इन सभी आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद ही पंचायत चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने का रास्ता साफ होगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव इस वर्ष नवंबर से दिसंबर के बीच कराए जाने की संभावना है। वर्तमान जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नए प्रतिनिधियों के चुनाव की तैयारी की जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग मिलकर समयबद्ध तरीके से चुनाव कराने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।
इस बार का पंचायत चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार बिहार में पंचायत चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से कराए जाने की तैयारी है। अब तक यह चुनाव बैलेट पेपर से होते रहे हैं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद मतदान प्रक्रिया तेज, सरल और अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है। एक ही मल्टी-पोस्ट EVM के जरिए वार्ड सदस्य, पंच, सरपंच और मुखिया सहित छह पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
हालांकि परिसीमन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इस बार आरक्षण रोस्टर में संशोधन किया जाएगा। नियमानुसार हर 10 साल में आरक्षण रोस्टर में बदलाव होता है, जिससे विभिन्न वर्गों को समान प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सके। इस बदलाव से कई पंचायत क्षेत्रों में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव 11 चरणों में संपन्न हुए थे और उस समय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अगस्त महीने में की गई थी। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार भी चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा अगस्त के आसपास की जा सकती है।
कुल मिलाकर, बिहार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन से लेकर EVM आधारित मतदान तक, इस बार का चुनाव कई बड़े बदलावों के साथ होने जा रहा है, जिस पर पूरे बिहार की नजर टिकी हुई है।
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